सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है। यह योजना पुराने ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवा) को मजबूत और आधुनिक बनाकर लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार करना है।
1. योजना का उद्देश्य
इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं:
0 से 6 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण कम करना
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना
आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक और डिजिटल बनाना
यह योजना देश में कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए मिशन मोड में चलाई जा रही है
2. योजना के अंतर्गत मिलने वाली सेवाएं
आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से कई प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं:
पूरक पोषण (Supplementary Nutrition):
बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक भोजन दिया जाता है
प्री-स्कूल शिक्षा:
3 से 6 साल के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है
टीकाकरण (Vaccination):
बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं
स्वास्थ्य जांच:
नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर से परामर्श
पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा:
माताओं को बच्चों की देखभाल और पोषण की जानकारी दी जाती है
ये सभी सेवाएं बच्चों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए दी जाती हैं
3. लाभार्थी (Eligibility)
इस योजना का लाभ निम्न लोगों को मिलता है:
0–6 वर्ष तक के बच्चे
गर्भवती महिलाएं
स्तनपान कराने वाली माताएं
14–18 वर्ष की किशोरियां
यह योजना समाज के कमजोर और गरीब वर्ग को प्राथमिकता देती है
4. मुख्य विशेषताएं
सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र: पुराने केंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है
डिजिटल सेवाएं: पोषण ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग
कुपोषण पर फोकस: बच्चों की नियमित जांच और सुधार
सामुदायिक भागीदारी: गांव स्तर पर जागरूकता अभियान
भारत में लाखों आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा सेवाएं प्रदान करते हैं
5. आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन की जरूरत नहीं होती।
कैसे लाभ लें:
1 अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं
2 बच्चे या महिला का पंजीकरण कराएं
3 आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज जमा करें
4 नियमित रूप से केंद्र से सेवाएं प्राप्त करें
6. बिहार में योजना का महत्व
बिहार में यह योजना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि:
यहां कुपोषण की समस्या ज्यादा है
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं
आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से गांव-गांव तक सेवाएं पहुंचती हैं
राज्य सरकार भी इस योजना को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रही है।
निष्कर्ष
सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण योजना बच्चों और महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। यह न केवल कुपोषण को कम करती है, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी बेहतर बनाती है। अगर इस योजना का सही तरीके से लाभ लिया जाए, तो स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।